फ्रांस में भीषण गर्मी के कारण सरकार पर तीखी आलोचना हो रही है। प्रधानमंत्री मैक्रों ने अपनी सरकार के कार्यों को संतोषजनक बताते हुए आलोचकों को जवाब दिया है। वहीं, मंत्री सेबastien लेकोर्नु ने स्थिति को लेकर संयमित प्रतिक्रिया देने की बात कही है ताकि किसी तरह की घबराहट न फैले। इस मुद्दे पर सोमवार दोपहर एक अंतर-मंत्रालयी संकटकालीन बैठक बुलाई गई है। सरकार की पर्यावरण नीतियां और गर्मी की लहर से निपटने की गति पर विपक्ष और जनता दोनों ही सवाल उठा रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकार की ओर से तत्काल कदम उठाने की मांग की जा रही है। यह संकट सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।
