हाल ही में किए गए एक सर्वेक्षण से पता चला है कि क्या स्कूलों को गर्मी की लहरों के दौरान अधिक बार 'उष्णकटिबंधीय समय सारणी' लागू करनी चाहिए, इस मुद्दे पर लोगों की राय विभाजित है। सर्वेक्षण में भाग लेने वालों में से लगभग 49 प्रतिशत का मानना है कि यह कक्षा में गर्मी की समस्या का सही समाधान नहीं है। वहीं, 47 प्रतिशत लोगों का मानना है कि इससे मदद मिल सकती है। यह दर्शाता है कि इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट सहमति नहीं है। 'उष्णकटिबंधीय समय सारणी' में कक्षाओं को गर्मी के सबसे अधिक समय में बंद कर दिया जाता है और दिन के ठंडे समय में पढ़ाई की जाती है। यह उपाय स्कूलों में गर्मी के कारण होने वाली असुविधा को कम करने के लिए प्रस्तावित किया गया है। सर्वेक्षण के परिणाम शिक्षा प्रणाली में गर्मी से निपटने के लिए अन्य संभावित समाधानों पर विचार करने की आवश्यकता को उजागर करते हैं।