नागरिक समाज समूहों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस से लंबित गलत सूचना विधेयकों को स्थगित करने का आग्रह किया है। उनका तर्क है कि ये विधेयक आतंकवाद विरोधी अधिनियम की भाषा का उपयोग करते हैं। आलोचकों का मानना है कि ये विधेयक सरकार को ऐसे अधिकार प्रदान करते हैं जिनका दुरुपयोग किया जा सकता है। उनका कहना है कि ये शक्तियां ‘जो कोई भी पद पर है, उसके द्वारा हथियार की जा सकती हैं’। यह चिंता व्यक्त की गई है कि विधेयक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित कर सकते हैं और राजनीतिक विरोध को दबा सकते हैं। समूहों ने विधेयक में संभावित दुरुपयोग और पारदर्शिता की कमी पर प्रकाश डाला है। वे सरकार से इस मामले पर अधिक विचार-विमर्श और नागरिक समाज के साथ परामर्श करने का आग्रह कर रहे हैं।

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