हालिया शोध से यह पता चला है कि प्राकृतिक वातावरण में समय बिताने से तनाव कम होताCL होता है। यह अभ्यास न केवल मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करता है, बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य को भी मजबूती प्रदान करता है। प्रकृति के साथ जुड़ाव से व्यक्ति के मूड में सकारात्मक बदलाव आता है। इस प्रभाव की गंभीरता को देखते हुए, अब कुछ देशों में इसे आधिकारिक रूप से 'प्रिस्क्राइब' किया जा रहा है। इसे 'ग्रीन सोशल प्रिस्क्रिप्शन' या सामाजिक हरा नुस्खा कहा जाता है। इसके तहत डॉक्टरों द्वारा मरीजों को दवाइयों के बजाय पार्कों या जंगलों में समय बिताने की सलाह दीC दी जाती है। यह दृष्टिकोण स्वास्थ्य सेवा में प्रकृति की उपचार शक्ति को अपनाने की एक नई पहल है।