ग्रीस में ‘आशा फॉर डेमोक्रेसी’ आंदोलन ने सरकार की लिग्नाइट (भूरा कोयला) चरणबद्ध समाप्ति नीति पर कड़ा प्रहार किया है। आंदोलन ने इसे ‘ऊर्जा अपराध’ बताते हुए सेंट डिमिट्री पावर स्टेशन में जारी विध्वंस कार्यों को तत्काल रोकने की मांग की है। उनका आरोप है कि यह नीति देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए खतरा है। आंदोलन का कहना है कि लिग्नाइट ऊर्जा स्रोतों को खत्म करने से बिजली की कीमतें बढ़ेंगी और नागरिकों को कठिनाई होगी। सरकार इस नीति को पर्यावरण संरक्षण और यूरोपीय संघ के जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक बताती है। आंदोलन ने इस मामले में आगे विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। यह मुद्दा ग्रीस की ऊर्जा नीति और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन पर बहस को जन्म दे रहा है।
