आज संविधान संशोधन समिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। आवास की समस्या, पर्यावरण संरक्षण और गर्भपात के अधिकार को संवैधानिक मान्यता देने के लिए पासोक पार्टी के प्रस्ताव पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। समिति के सदस्यों के बीच आवास नीति और गर्भपात अधिकारों को लेकर मतभेद सामने आए हैं। महंगाई की समस्या से निपटने के लिए भी संविधान में संशोधन की संभावना पर विचार किया जा रहा है। बैठक में इन मुद्दों पर आम सहमति बनाने के प्रयास किए गए, लेकिन अभी तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है। समिति आगे भी इन विषयों पर विचार-विमर्श जारी रखेगी ताकि एक व्यापक सहमति बन सके। इन संशोधनों का उद्देश्य देश के नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना और सामाजिक चुनौतियों का समाधान करना है।