ग्रीस ने 1982 में व्यभिचार को अपराध की श्रेणी से हटा दिया। पहले, व्यभिचार एक आपराधिक अपराध था, जिसके परिणामस्वरूप गिरफ्तारी और सार्वजनिक अपमान हो सकता था। इस बदलाव से पहले, लोग अक्सर 'फ्लैग्रेन्ट डेलेक्टो' (red-handed) में पकड़े जाते थे और निजी जासूसों का उपयोग भी किया जाता था। नया कानून एक पुराने और अप्रचलित नियम को समाप्त करता है। यह निर्णय ग्रीक समाज में व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस कानून के बाद, व्यभिचार अब कानूनी रूप से दंडनीय नहीं है, हालाँकि यह अभी भी नैतिक या सामाजिक रूप से निंदनीय माना जा सकता है। यह बदलाव ग्रीस के कानूनी ढांचे का एक महत्वपूर्ण आधुनिकीकरण दर्शाता है।