अटॉर्नी जनरल और न्याय मंत्री डॉ. डोमिनिक अयीन ने एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। उन्होंने बताया कि संवैधानिक समीक्षा समिति की अंतिम रिपोर्ट पर सरकार का रुख 'व्हाइट पेपर' नहीं है। अयीन के अनुसार, इस समिति की प्रकृति एक जांच आयोग जैसी नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह समिति 1992 के संविधान के अध्याय 23 के तहत स्थापित नहीं की गई थी। इसी तकनीकी कारण से इसे आधिकारिक व्हाइट पेपर की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। सरकार ने इस प्रक्रिया के माध्यम से केवल अपनी स्थिति स्पष्ट की है। यह बयान कानूनी प्रक्रियाओं और संवैधानिक नियमों की व्याख्या करने के उद्देश्य से दिया गया है।