घाना में पारंपरिक रूप से इस्तेमाल होने वाले एक औषधीय पौधे में प्रोस्टेट कैंसर के विकास को धीमा करने की क्षमता पाई गई है। Kwame Nkrumah University of Science and Technology, Kumasi (KNUST) के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक नए अध्ययन में यह खुलासा हुआ है। शोध के अनुसार, क्रोटोन मेम्ब्रानेसियस (Croton membranaceus) के जड़ के अर्क से ट्यूमर को रक्त की आपूर्ति करने वाली नई रक्त वाहिकाओं के निर्माण (एंजियोजेनेसिस) को महत्वपूर्ण रूप से दबाया जा सकता है। 'कैंसर सेल इंटरनेशनल' पत्रिका में प्रकाशित इस अध्ययन में पाया गया कि यह अर्क प्रोस्टेट कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकने में प्रभावी हो सकता है। यह खोज प्रोस्टेट कैंसर के उपचार के लिए नए रास्ते खोल सकती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि आगे की जांच से इस पौधे के सक्रिय यौगिकों और उनकी क्रियाविधि को समझने में मदद मिलेगी।
