घाना सरकार राष्ट्रपति के कार्यकाल को चार साल से बढ़ाकर पाँच साल करने के लिए संविधान में संशोधन पर विचार कर रही है। इसके साथ ही, सरकार राष्ट्रपति पद के लिए न्यूनतम आयु को भी कम करने का प्रस्ताव कर रही है। यह प्रस्तावित बदलाव देश की राजनीतिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। सरकार का तर्क है कि पाँच साल का कार्यकाल राष्ट्रपतियों को दीर्घकालिक परियोजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पर्याप्त समय देगा। हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर विपक्ष और नागरिक समाज समूहों से आलोचना भी हो रही है, जो इसे सत्ता हथियाने के प्रयास के रूप में देखते हैं। इस मामले पर आगे बहस और चर्चा होने की संभावना है। इस संशोधन के लिए संसद में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होगी।