जर्मनी ने हाइब्रिड युद्ध के बढ़ते खतरे को लेकर चेतावनी जारी की है। सरकार का मानना है कि रूस जैसे देश पश्चिमी देशों को अस्थिर करने के लिए दुष्प्रचार, साइबर हमले और आर्थिक दबाव जैसे तरीकों का उपयोग कर रहे हैं। इस खतरे में ऊर्जा की आपूर्ति में हेरफेर और शरणार्थियों का इस्तेमाल भी शामिल है। जर्मन अधिकारियों ने देश को इस प्रकार के हमलों से बचाने के लिए बेहतर तैयारी करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हाइब्रिड खतरे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर कर सकते हैं और सामाजिक विभाजन को बढ़ा सकते हैं। जर्मनी इस खतरे से निपटने के लिए अपनी सुरक्षा एजेंसियों और अन्य देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है। यह चेतावनी यूरोपीय सुरक्षा पर बढ़ते तनाव के बीच आई है।

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