जर्मनी में यूक्रेन से आए शरणार्थियों के वित्तीय सहायता को लेकर केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया है। केंद्र सरकार का प्रस्ताव है कि यूक्रेन के शरणार्थियों को अब नागरिक सहायता (bürgergeld) नहीं दी जानी चाहिए। राज्य सरकारें सैद्धांतिक रूप से इस प्रस्ताव से सहमत हैं, लेकिन अतिरिक्त खर्चों को वहन करने के लिए तैयार नहीं हैं। इस स्थिति में, शरणार्थियों के लिए वित्तीय सहायता का भविष्य अनिश्चित हो गया है। राज्य सरकारें तर्क दे रही हैं कि अतिरिक्त वित्तीय बोझ उनके बजट पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा। केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बीच इस मुद्दे पर आगे बातचीत होने की संभावना है। यह विवाद जर्मनी की शरणार्थी नीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ का संकेत देता है।