जर्मनी, यूक्रेन को वित्तीय सहायता देने वाले देशों में दूसरे स्थान पर है और उसने इस सहायता की वापसी की संभावना को खारिज कर दिया है। एफडीपी (FDP) की विदेश नीति विशेषज्ञ और यूरोपीय संसद सदस्य, मैरी-एग्नेस स्ट्रैक-ज़िमरमैन ने इस निर्णय का बचाव किया है। उनका तर्क है कि यूक्रेन को दी गई सहायता का वापस मांगना उचित नहीं है। स्ट्रैक-ज़िमरमैन यूक्रेन युद्ध को लेकर अपनी स्पष्ट राय के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने FOCUS online को दिए साक्षात्कार में कहा कि यूक्रेन को तत्काल सहायता की आवश्यकता है और धन वापसी की प्रक्रिया में देरी से स्थिति और खराब हो सकती है। जर्मनी का यह निर्णय यूक्रेन के प्रति उसकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह सहायता यूक्रेन को अपनी रक्षा और अर्थव्यवस्था को बनाए रखने में मदद कर रही है।
