जर्मनी ने आधिकारिक रूप से रूस पर जासूसी करने का आरोप लगाया है। इस आरोप के परिणामस्वरूप जर्मनी में स्थित रूसी राजनयिक संस्थानों को बंद करने का निर्णय लिया गया है। जर्मन सरकार का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक था। रूस ने इन आरोपों का खंडन किया है और जर्मनी के फैसले की आलोचना की है। यह घटनाक्रम दोनों देशों के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों को और बढ़ा देगा। माना जा रहा है कि यह निर्णय रूस-यूक्रेन युद्ध के राजनीतिक प्रभावों के कारण उठाया गया है। इस कार्रवाई से दोनों देशों के बीच संचार और राजनयिक संबंध सीमित हो जाएंगे।