ओमान के निज़वा विश्वविद्यालय में किए गए एक शोध से जीर्ण घावों के इलाज में एक नई आशा उत्पन्न हुई है। वैज्ञानिकों ने जीन-आधारित एक उन्नत पट्टी विकसित की है, जो घावों को तेजी से भरने में मदद कर सकती है। यह पट्टी विशेष रूप से उन घावों के लिए प्रभावी है जो लंबे समय से ठीक नहीं हो रहे हैं, जैसे कि मधुमेह रोगियों में होने वाले घाव। शोधकर्ताओं का दावा है कि यह तकनीक घाव भरने की प्रक्रिया को गति देती है और संक्रमण के खतरे को कम करती है। इस पट्टी के विकास से स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है। वर्तमान में, इस तकनीक का और अधिक परीक्षण किया जा रहा है ताकि इसे व्यापक रूप से उपलब्ध कराया जा सके। यह शोध अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा जा रहा है।
