कोरिया उन्नत विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान (KAIST) के एक नए अध्ययन में भविष्य के खाद्य संकट के कारणों पर प्रकाश डाला गया है। शोधकर्ताओं का मानना है कि खाद्य उत्पादन में कमी का मुख्य कारण कृषि भूमि की कमी नहीं, बल्कि कृषि श्रमिकों की घटती संख्या हो सकती है। अध्ययन के अनुसार, तकनीकी प्रगति के बावजूद, कृषि कार्यों को करने के लिए पर्याप्त कुशल श्रमिक उपलब्ध नहीं होने से उत्पादन प्रभावित हो सकता है। यह विशेष रूप से कोरिया जैसे देशों में चिंताजनक है, जहां ग्रामीण आबादी घट रही है और युवा पीढ़ी कृषि में कम रुचि दिखा रही है। इस स्थिति को देखते हुए, कृषि क्षेत्र में श्रमिकों को आकर्षित करने और बनाए रखने के लिए नीतियों की आवश्यकता है। अध्ययन में कृषि के आधुनिकीकरण और स्वचालन के साथ-साथ कृषि श्रम की स्थिति में सुधार पर भी जोर दिया गया है। यह निष्कर्ष वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण निहितार्थ रखता है।