2021 में लागू जलवायु और लचीलापन कानून, जिसका उद्देश्य फ्रांस को कार्बन तटस्थता की ओर ले जाना था, अपने पाँचवें वर्ष में एक कड़वी सच्चाई उजागर कर रहा है। यह कानून जलवायु परिवर्तन पर नागरिकों के सम्मेलन के प्रस्तावों को कानूनी रूप देने के लिए बनाया गया था, लेकिन इसके बाद से ही इसके अधिकांश महत्वपूर्ण प्रावधानों को कमजोर कर दिया गया है या रद्द कर दिया गया है। कानून के कार्यान्वयन में लगातार ढिलाई की गई है, जिससे पर्यावरणविदों और कार्यकर्ताओं में निराशा फैल गई है। आलोचकों का कहना है कि सरकार ने इन उपायों को कमजोर करके जलवायु परिवर्तन से निपटने की अपनी प्रतिबद्धता को कम कर दिया है। मूल लक्ष्यों से विचलन पर्यावरण संरक्षण के लिए एक बड़ा झटका है। यह कानून अब अपने शुरुआती उत्साह को खो चुका है और इसका भविष्य अनिश्चित है। इस स्थिति ने जलवायु परिवर्तन के खिलाफ कार्रवाई की तात्कालिकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।