फ्रांस में एक महीने के भीतर यह दूसरी भीषण गर्मी की लहर है। देश के आधे हिस्से में रेड अलर्ट जारी किया गया है, जहाँ दक्षिण-पश्चिमी शहर बोर्डो में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और राजधानी पेरिस में 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने की उम्मीद है। मौसम सेवा मेटियो-फ्रांस के अनुसार, 1947 से देश में दर्ज 51 लू में से दो-तिहाई 2000 के बाद आई हैं, और इनमें से लगभग आधी पिछले 15 वर्षों में हुई हैं। यह दर्शाता है कि फ्रांस में गर्मी की लहरें अधिक बार और तीव्र हो रही हैं। विशेषज्ञ जलवायु परिवर्तन को इसका मुख्य कारण बता रहे हैं। सरकार नागरिकों को गर्मी से बचाव के उपाय करने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की सलाह दे रही है। इस स्थिति से निपटने के लिए दीर्घकालिक अनुकूलन रणनीतियों की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
