फ्रांस और जर्मनी के सांसदों ने रूस के 'छाया बेड़े' के खिलाफ कड़े कदम उठाने की संयुक्त मांग की है। ये सांसद रूस द्वारा पश्चिमी प्रतिबंधों से बचने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे जहाजों पर अधिक ठोस कार्रवाई चाहते हैं। इस पहल में, इन सांसदों ने रूस के ऐसे जहाजों की पहचान करने और उन पर प्रतिबंध लगाने के लिए समन्वित प्रयासों का आह्वान किया है। उनका मानना है कि ये जहाज रूस को व्यापारिक प्रतिबंधों को दरकिनार करने में मदद कर रहे हैं, जिससे यूक्रेन में युद्ध को वित्तपोषित करने की उसकी क्षमता बनी रहती है। सांसदों ने यूरोपीय संघ और अन्य अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से इस मुद्दे पर ध्यान देने और तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है। इस 'छाया बेड़े' के माध्यम से रूस तेल निर्यात जारी रखने और अपनी अर्थव्यवस्था को बनाए रखने में सक्षम है। इस पहल का उद्देश्य रूस पर प्रतिबंधों के प्रभाव को बढ़ाना और यूक्रेन में संघर्ष को समाप्त करने के प्रयासों को मजबूत करना है।
