पूर्व प्रधानमंत्री ने सीफी वालियराकी की दुखद मृत्यु से जुड़े मुकदमे में गवाही दी। उन्होंने फोन टैपिंग से संबंधित सवालों का जवाब देते हुए बताया कि उस दौरान, बाद में यह साबित हुआ, उनका फोन टैप किया जा रहा था। वालियराकी की मृत्यु एक संवेदनशील मामला है और इस मुकदमे में कई राजनैतिक हस्तियों से पूछताछ की जा रही है। पूर्व प्रधानमंत्री के इस बयान से मामले में नए खुलासे होने की संभावना है। उन्होंने अपने फोन टैप होने की जानकारी पर हैरानी जताई और इस पर जांच की मांग की। यह घटना गोपनीयता और निगरानी से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल खड़े करती है। अदालत में दिए गए बयान से मामले की आगे की जांच को दिशा मिलेगी।