स्लोवाकिया में रोमानी महिलाओं के जबरन और धोखे से नसबंदीकरण के मामले सामने आए हैं। न केवल जबरन नसबंदी की निंदा की जानी चाहिए, बल्कि उन मामलों की भी जहां महिलाओं को धोखे से नसबंदी के लिए राजी किया गया। यह एक गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन है जो रोमानी समुदाय को लक्षित करता है। इस मुद्दे को कला और राजनीति के संदर्भ में भी देखा जा रहा है, क्योंकि यह सामाजिक अन्याय और भेदभाव को उजागर करता है। पीड़ितों को न्याय दिलाने और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है। धोखे से की गई नसबंदी को भी समान रूप से गलत माना जाना चाहिए क्योंकि इसमें महिलाओं की स्वायत्तता और प्रजनन अधिकारों का उल्लंघन होता है। इस मामले ने नैतिक चिंताओं को जन्म दिया है और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इसकी आलोचना हो रही है।