यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने क्रेमलिन से संपर्क स्थापित करने के फैसले का बचाव किया है। उनका तर्क है कि यूरोपीय संघ को बाहरी माध्यमों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में, कोस्टा ने बताया कि उन्हें ब्रुसेल्स और क्रेमलिन के बीच हुई बातचीत के बारे में बाद में जानकारी मिली थी। यह कदम यूरोपीय संघ की रूस के साथ सीधे संवाद बनाए रखने की नीति का हिस्सा है। कोस्टा का मानना है कि किसी भी स्थिति में संवाद का मार्ग खुला रखना महत्वपूर्ण है। इस पहल का उद्देश्य यूरोपीय संघ को स्वतंत्र रूप से जानकारी प्राप्त करने और अपनी स्थिति स्पष्ट करने की अनुमति देना है। यह यूरोपीय संघ की विदेश नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है।