फ़ीफ़ा ने फ़ुटबॉल विश्व कप में अनधिकृत ब्रांडों के प्रदर्शन को रोकने के लिए कड़े उपाय किए हैं। कतर में चल रहे इस टूर्नामेंट में, फ़ीफ़ा उन ब्रांडों को निशाना बना रहा है जिन्होंने आधिकारिक प्रायोजन शुल्क नहीं दिया है। हाल ही में, केचप की बोतलों पर भी ब्रांडिंग छिपाने के लिए काले टेप लगाए गए हैं। यह कार्रवाई फ़ीफ़ा के वाणिज्यिक अधिकारों की रक्षा करने और केवल आधिकारिक प्रायोजकों को ही दृश्यता प्रदान करने के प्रयासों का हिस्सा है। माना जा रहा है कि फ़ीफ़ा इस संबंध में और भी सख्त रुख अपना सकता है। इस कदम से स्टेडियमों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अनधिकृत विज्ञापन दिखने की संभावना कम हो गई है। फ़ीफ़ा का लक्ष्य एक समान और नियंत्रित ब्रांडिंग वातावरण बनाए रखना है।
