एक फेरारी कारखाने के कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया गया है, जिसके बाद उसने कंपनी से 200,000 यूरो का मुआवज़ा मांगा था। कर्मचारी पर अपनी पत्नी के साथ बेवफाई करने और एक सहकर्मी के साथ संबंध रखने का आरोप था, जिसके कारण उसकी पत्नी ने उसे छोड़ दिया। कर्मचारी का दावा था कि उसे लगातार धमकाया जा रहा था और उसे शांति नहीं मिल रही थी। हालांकि, अदालत ने फेरारी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कर्मचारी के मुआवज़े के अनुरोध को खारिज कर दिया। अदालत ने माना कि कंपनी ने सही कदम उठाया था। यह मामला इटली में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है, जो कार्यस्थल पर नैतिकता और व्यक्तिगत जीवन के बीच की सीमाओं को उजागर करता है। फेरारी ने इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।