जापान में, 11 सितंबर, 2001 को हुए आतंकवादी हमलों के पीड़ितों में से एक के पिता, काज़ुसादा सुमियामा, 25 वर्षों बाद भी अपने दुःख और क्रोध को व्यक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका दुःख और गुस्सा जीवन भर बना रहेगा। सुमियामा ने अपने बेटे को उस दुखद घटना में खो दिया था। यह घटना न केवल अमेरिका के लिए, बल्कि दुनियाभर के लोगों के लिए एक गहरा सदमा थी। सुमियामा की भावनाएं इस त्रासदी के पीड़ितों के परिवारों की गहरी पीड़ा को दर्शाती हैं। उनकी यह टिप्पणी 9/11 की बरसी पर जारी शोक और स्मरण की भावना को उजागर करती है। वे अपने बेटे की याद को जीवित रखने और शांति की प्रार्थना करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।