सरकार ने परिषदों को बुनियादी ढाँचा लागत वसूलने में मदद करने के लिए त्वरित प्रक्रिया में बदलाव किए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य विकास परियोजनाओं से उत्पन्न होने वाले वित्तीय बोझ को कम करना है। वर्तमान में, 200 से अधिक त्वरित प्रक्रिया आवेदन जमा हो चुके हैं। विश्लेषकों का मानना ​​है कि इन परियोजनाओं के डेवलपर्स से भी अधिक योगदान की अपेक्षा की जानी चाहिए। यह सुनिश्चित करेगा कि बुनियादी ढाँचे के विकास की लागत उचित रूप से साझा की जाए। इन परिवर्तनों से विकास प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की उम्मीद है। यह कदम बुनियादी ढाँचे के वित्तपोषण में अधिक न्यायसंगत दृष्टिकोण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।