पूर्व प्रधानमंत्री ज़पाटेरो को मिले आभूषणों के मामले में कानूनी कार्यवाही की संभावना कम दिख रही है। कर विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह साबित हो जाता है कि उन्हें ये आभूषण राष्ट्रपति रहते हुए उपहार में मिले थे, तो इस पर कोई आपराधिक मामला नहीं बन पाएगा। मामले की जांच में यह महत्वपूर्ण होगा कि ज़पाटेरो को ये आभूषण कब और कहाँ मिले थे। विशेषज्ञों के अनुसार, समय और स्थान की जानकारी से अपराध की अवधि निर्धारित हो पाएगी, जिससे मामला समाप्त या समय-सीमा समाप्त हो सकता है। यदि उपहार के तौर पर प्राप्त होने की पुष्टि होती है, तो यह मामला कर चोरी या अन्य अपराधों की श्रेणी में नहीं आएगा। फिलहाल, जांच एजेंसियां इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं कि आभूषणों की प्राप्ति की परिस्थितियां क्या थीं। इस मामले में आगे की कार्यवाही इन तथ्यों की पुष्टि होने पर निर्भर करेगी।
