यूरोप में इस साल रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है, लेकिन घरों में एयर कंडीशनिंग की सुविधा बहुत कम है। केवल लगभग 20% घरों में ही एयर कंडीशनर लगे हैं। इस स्थिति के कारण लाखों लोगों को भीषण गर्मी में भी बिना एयर कंडीशनर के रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यूरोप में एयर कंडीशनिंग को 'आवश्यकता' नहीं माना जाता है, यही इसकी कम मांग का मुख्य कारण है। पारंपरिक रूप से, यूरोपीय लोग गर्मी से बचने के लिए अन्य तरीकों जैसे कि घर को ठंडा रखने के लिए पर्दे लगाना या ठंडी जगहों पर जाना पसंद करते हैं। इसके अतिरिक्त, एयर कंडीशनिंग की उच्च लागत और ऊर्जा खपत भी एक कारक है। जलवायु परिवर्तन के कारण गर्मी की लहरें बढ़ रही हैं, फिर भी एयर कंडीशनिंग की मांग में तत्काल वृद्धि नहीं देखी गई है।