यूरोप इस वर्ष भीषण सूखे का सामना कर रहा है। एक नए अध्ययन से पता चला है कि समस्या केवल वर्षा की कमी नहीं है। लगातार आने वाली गर्मी की लहरों के कारण, भूमि से अधिक पानी वाष्पित हो रहा है। इसका मतलब है कि पहले जितनी वर्षा होती थी, अब वह मिट्टी में नमी बनाए रखने या नदियों में जल प्रवाह बनाए रखने के लिए पर्याप्त नहीं है। स्थिति लगातार बिगड़ रही है, जिससे जल संसाधनों पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। वैज्ञानिक मानते हैं कि जलवायु परिवर्तन इस स्थिति को और भी बदतर बना रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है।