यूरोपीय देशों में एक बढ़ता हुआ मत है कि संयुक्त राज्य अमेरिका अब उनकी रक्षा के लिए आगे नहीं आएगा। हाल के सर्वेक्षणों से पता चलता है कि अधिकांश यूरोपीय नागरिकों को विश्वास नहीं है कि अमेरिका उन्हें सैन्य सहायता प्रदान करेगा। हालांकि, नीदरलैंड के प्रधानमंत्री मार्क रूट और नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे इस बात पर जोर दे रहे हैं कि अमेरिका अपनी प्रतिबद्धताओं का सम्मान करेगा। उनका मानना है कि नाटो गठबंधन मजबूत है और अमेरिका यूरोपीय सुरक्षा के लिए समर्पित रहेगा। यह संदेह रूस-यूक्रेन युद्ध और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयानों के कारण बढ़ा है, जिन्होंने नाटो की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए थे। इस स्थिति ने यूरोपीय देशों को अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया है। यह मुद्दा ब्रुसेल्स में महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बना हुआ है।