यूरोप में आगामी गर्मी को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं, खासकर 2026 में संभावित रूप से आने वाली भीषण गर्मी को लेकर। हाल ही में फ्रांस में आई गर्मी की लहर में 40 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जिससे स्थिति गंभीर हो गई है। फ्रांस के 58 क्षेत्रों में रेड अलर्ट जारी किया गया है और ट्रेनों का संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि बिना एयर कंडीशनिंग वाले भवनों की बड़ी संख्या और बढ़ती उम्र की आबादी इस स्थिति को और भी चुनौतीपूर्ण बना सकती है। यह स्थिति 2003 में आई भीषण गर्मी की याद दिलाती है, जिसमें हजारों लोगों की जान चली गई थी। यूरोपीय देश अब इस खतरे से निपटने के लिए तैयारी कर रहे हैं, लेकिन चुनौतियां अभी भी बहुत अधिक हैं। गर्मी से होने वाले मौतों और बुनियादी ढांचे पर पड़ने वाले प्रभावों को कम करने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है।