यूरोपीय संघ में एक नया आव्रजन समझौता लागू हो रहा है, जिससे सीमा नियंत्रण और सख्त हो जाएगा। इस समझौते के तहत शरण आवेदनों की प्रक्रिया को त्वरित किया जाएगा, जिसका मतलब है कि आवेदनों पर तेजी से निर्णय लिए जाएंगे। शरणार्थियों और प्रवासियों को अब दो साल तक हिरासत में रखने की अनुमति दी जा सकती है। इसके अतिरिक्त, यूरोपीय संघ सदस्य देशों को समुदाय के बाहर 'वापसी केंद्र' स्थापित करने की अनुमति मिलेगी, जहाँ से प्रवासियों को उनके मूल देशों में वापस भेजा जा सके। यह समझौता यूरोपीय संघ के भीतर आव्रजन को नियंत्रित करने और अवैध प्रवासन को कम करने के उद्देश्य से किया गया है। आलोचकों का कहना है कि ये नियम शरण चाहने वालों के अधिकारों का उल्लंघन कर सकते हैं। यह समझौता इस शुक्रवार से प्रभावी हो जाएगा।