यूरोपीय संघ ने 1 जुलाई से 150 यूरो तक के छोटे पार्सलों पर नया कर लगाना शुरू कर दिया है। पहले, ये पार्सल बिना किसी शुल्क के आ रहे थे, लेकिन अब प्रत्येक वस्तु के लिए लगभग 75 करोड़ रुपये (तीन यूरो) का शुल्क लगेगा। यह शुल्क पूरे पैकेज पर नहीं, बल्कि प्रत्येक वस्तु के प्रकार पर अलग-अलग लगाया जाएगा। चीनी ई-कॉमर्स कंपनियों ने पहले ही इस कर से बचने के तरीके ढूंढने शुरू कर दिए हैं। यह बदलाव सस्ते चीनी सामान की खरीदारी को महंगा कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका उद्देश्य यूरोपीय बाजारों में स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा देना है। यह देखा जाना बाकी है कि ये नई नीतियां ई-कॉमर्स बाजार को कैसे प्रभावित करेंगी।