यूरोपीय संघ के नए प्रवासन कानून में दरार आ गई है। फ्रांस और स्पेन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वे यूरोपीय संघ के बाहर प्रवासी केंद्रों का निर्माण नहीं करेंगे। यह निर्णय यूरोपीय संघ के भीतर एक महत्वपूर्ण विभाजन को दर्शाता है। संयुक्त राष्ट्र ने भी इस मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त की है। नए कानून का उद्देश्य प्रवासियों की वापसी की प्रक्रिया को तेज करना है, लेकिन सदस्य देशों के बीच सहमति की कमी इस प्रक्रिया में बाधा बन सकती है। फ्रांस और स्पेन का विरोध यूरोपीय संघ की एकजुटता के लिए एक चुनौती है। इस मुद्दे पर आगे की बातचीत और समझौते की आवश्यकता है।