यूरोपीय संसद में हाल ही में चरमपंथी समूहों द्वारा लगाए गए नारों पर स्वीडन की आप्रवासन मंत्री ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इन नारों को ‘अशोभनीय’ बताते हुए इसकी निंदा की है और इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। मंत्री ने कहा कि इस तरह के व्यवहार से यूरोपीय मूल्यों का उल्लंघन होता है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। यह घटना यूरोपीय संघ के भीतर चरमपंथी विचारधाराओं के उदय और उनके प्रभाव को लेकर चिंताएं बढ़ाती है। मंत्री ने अन्य यूरोपीय देशों से भी इस मुद्दे पर ध्यान देने और समान रुख अपनाने का आग्रह किया है। इस घटना के बाद संसद में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि वे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठा रहे हैं।
