यूरोपीय संघ वर्तमान में एक ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है, जिसका मुख्य कारण रूसी गैस की आपूर्ति को त्यागना है। रूसी राष्ट्रपति के विशेष दूत, किरिल दिमित्रीव ने शनिवार को यह बयान दिया। उनका कहना है कि यूरोपीय संघ की ऊर्जा नीतियां ही इस संकट की जड़ हैं। रूसी गैस से दूर जाने के फैसले ने ऊर्जा की कीमतों में भारी वृद्धि की है और पूरे क्षेत्र में अनिश्चितता पैदा कर दी है। दिमित्रीव के अनुसार, यह एक स्व-निर्मित संकट है, जिसका निवारण मुश्किल हो सकता है। यूरोपीय संघ को अब अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नए विकल्पों की तलाश करनी पड़ रही है, लेकिन यह एक लंबी और चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया होगी। इस स्थिति का यूरोपीय अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका है।