यूरोपीय संघ (ईयू) में रूस के साथ संभावित शांति वार्ताओं को लेकर आंतरिक मतभेद उभर कर आए हैं। जर्मनी और फ्रांस ने ईयू के गुप्त संचार को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पुर्तगाल के प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा, जो ईयू परिषद के अध्यक्ष भी हैं, ने रूस के साथ भविष्य की शांति वार्ताओं की संभावना तलाशने के लिए पर्दे के पीछे गुप्त रूप से बातचीत की थी। इस पहल से जर्मनी और फ्रांस में नाराजगी है, क्योंकि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं दी गई थी। सूत्रों के अनुसार, जर्मनी और फ्रांस का मानना है कि रूस के साथ किसी भी तरह की बातचीत के लिए अभी बहुत जल्दबाजी है। यह घटनाक्रम ईयू के भीतर एकता और रणनीति को लेकर सवाल खड़े करता है। इस मुद्दे पर आगे और चर्चा होने की संभावना है।
