G7 देशों के बीच यूक्रेन मुद्दे पर एकजुटता के बाद अब यूरोपीय संघ के भीतर मतभेद उभर रहे हैं। रूस के साथ संचार चैनल खोलने की आवश्यकता को लेकर यूरोपीय देशों के बीच आम सहमति का अभाव है। कई सदस्य देश अलग-अलग पहलों के माध्यम से मॉस्को से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। यह स्थिति दर्शाती है कि व्लादिमीर पुतिन के प्रति यूरोपीय दृष्टिकोण अभी भी विभाजित है। वर्तमान में यूरोपीय संघ एक साझा और एकीकृत आवाज खोजने के लिए संघर्ष कर रहा है। इस राजनयिक खींचतान के कारण रूस के साथ बातचीत की कोई स्पष्ट सामूहिक रणनीति नहीं बन पाई है। कुल मिलाकर, यूरोप अपनी आंतरिक भिन्नताओं के कारण एक ठोस रुख अपनाने में असमर्थ दिख रहा है।
