यूरोपीय संघ की शीर्ष अदालत ने गूगल पर 4.1 अरब यूरो का रिकॉर्ड जुर्माना बरकरार रखा है। यह जुर्माना एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम के इस्तेमाल से जुड़े प्रतिस्पर्धा विरोधी व्यवहार के कारण लगाया गया था। अदालत ने गूगल के उस व्यवहार को अवैध ठहराया है जिसके तहत उसने एंड्रॉयड को बढ़ावा देने के लिए स्मार्टफोन निर्माताओं पर दबाव डाला। इस फैसले से गूगल को अपनी व्यावसायिक प्रथाओं पर पुनर्विचार करने का दबाव बढ़ेगा। अदालत का मानना है कि गूगल ने अपने प्रभुत्व का दुरुपयोग कर अन्य कंपनियों के लिए बाजार में प्रवेश करना मुश्किल बना दिया था। यह निर्णय डिजिटल बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। गूगल इस फैसले के खिलाफ अपील कर सकता है, लेकिन अदालत का रुख सख्त दिखाई दे रहा है।