यूरोपीय संघ के नए नियमों से घोड़ों और झाड़ियों दोनों के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। दरअसल, यूरोपीय संघ द्वारा कैंची चलाने – यानी नियमों में कटौती करने – से अप्रत्याशित परिणाम सामने आ रहे हैं। घोड़ों की देखभाल करने वाले लोग चिंतित हैं कि नए नियम उनके जानवरों की भलाई को खतरे में डाल सकते हैं। साथ ही, झाड़ियों के रखरखाव से जुड़े लोग भी परेशान हैं, क्योंकि नियमों में बदलाव से उनकी आजीविका प्रभावित हो सकती है। सवाल यह उठता है कि यूरोपीय संघ कब सही तरीके से नियमों को लागू करना सीखेगा? यह स्थिति घोड़ों और झाड़ियों, दोनों के लिए एक आपदा की तरह है। नियमों की इस प्रक्रिया पर कई विशेषज्ञों ने चिंता व्यक्त की है।