यूरोपीय संघ का नया शरणार्थी समझौता लागू हो गया है, जिसके तहत शरण चाहने वालों के फिंगरप्रिंट लिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, स्वागत और वापसी केंद्रों पर सामूहिक आवास की व्यवस्था की जाएगी। स्वीडन में अभी तक इस समझौते को लागू करने के लिए आवश्यक राष्ट्रीय कानून नहीं बना है। इस समझौते का उद्देश्य यूरोपीय संघ में शरणार्थियों के आगमन और उनके प्रसंस्करण को अधिक सुव्यवस्थित करना है। आलोचकों का कहना है कि यह समझौता शरण चाहने वालों के अधिकारों को सीमित कर सकता है। यूरोपीय संघ का मानना है कि यह समझौता सदस्य देशों पर शरण प्रणाली के बोझ को समान रूप से वितरित करने में मदद करेगा। स्वीडन सरकार इस समझौते को राष्ट्रीय कानून में बदलने के लिए काम कर रही है।