शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, एस्टोनिया के इतिहास के पाठों में चुनौतीपूर्ण और विवादित विषयों को नजरअंदाज नहीं किया जाता है। उनका मानना है कि ऐसे विषयों का अध्ययन स्कूली बच्चों को तथ्यों और दुष्प्रचार (प्रोपेगेंडा) के बीच अंतर करने में मदद करता है। यह दृष्टिकोण छात्रों में आलोचनात्मक सोच विकसित करने के लिए आवश्यक है। विशेषज्ञों का तर्क है कि इतिहास की जटिलताओं को समझने से छात्र अधिक जागरूक बनते हैं। इस पद्धति से शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और बौद्धिक गहराई आती है। अंततः, यह प्रक्रिया छात्रों को सूचनाओं का विश्लेषण करने और सही निष्कर्ष निकालने के लिए सक्षम बनाती है।