एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस ने दूसरा कार्यकाल न चाहने के बाद, उल्ले मैडिस राष्ट्रपति पद की दौड़ में सबसे आगे चल रही हैं। उल्ले मैडिस देश की सबसे सम्मानित संवैधानिक आवाजों में से एक हैं और न्याय मंत्री के रूप में उनकी भूमिका उन्हें महत्वपूर्ण बनाती है। सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ने सार्वजनिक रूप से उनका नाम आगे रखा है, लेकिन उन्हें किसी विशेष पार्टी के उम्मीदवार के बजाय सर्वसम्मति से चुने जा सकने वाले व्यक्ति के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि वह रिइगिकोगु (संसद) में व्यापक समर्थन हासिल कर सकती हैं। राष्ट्रपति पद के लिए अन्य संभावित उम्मीदवारों की तलाश जारी है, लेकिन मैडिस का नाम प्रमुखता से उभरा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि विभिन्न राजनीतिक दल इस मामले पर आगे क्या रुख अपनाते हैं।