लोकतंत्र की विफलता नेताओं के कार्यों से नहीं, बल्कि संस्थानों द्वारा जवाबदेही के सिद्धांतों को त्यागने से होती है। राजनीतिक सुविधा के लिए जब संस्थान अपने मूलभूत सिद्धांतों से भटक जाते हैं, तो लोकतंत्र कमजोर होता है। जवाबदेही का अभाव भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग को बढ़ावा देता है, जिससे जनता का विश्वास कम होता है। यह स्थिति लोकतांत्रिक व्यवस्था की स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है। मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए संस्थानों की स्वतंत्रता और पारदर्शिता आवश्यक है। जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए नियमों और कानूनों का पालन करना महत्वपूर्ण है। इस चेतावनी से लोकतंत्र को बचाने के लिए सजग रहने की आवश्यकता है।