शिक्षाविद सोनम वांगचुक ने इंडिया टुडे को दिए एक बयान में कहा है कि वे किसी भी विरोध प्रदर्शन के प्रतीक के रूप में इस्तेमाल नहीं होना चाहते। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उनका विरोध किसी भी प्रकार की अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल के खिलाफ है। वांगचुक ने अपनी बात रखते हुए कहा कि वे किसी व्यक्तिगत हमले या गाली-गलौज का समर्थन नहीं करते। उन्होंने मीडिया और जनता से आग्रह किया है कि वे उनके विचारों को गलत तरीके से न प्रस्तुत करें। उनका मुख्य उद्देश्य सकारात्मक बदलाव लाना है, न कि किसी को ठेस पहुंचाना। वांगचुक ने यह भी स्पष्ट किया कि वे शांतिपूर्ण और सम्मानजनक संवाद के माध्यम से ही समस्याओं का समाधान चाहते हैं। वे किसी भी ऐसे आंदोलन का हिस्सा नहीं बनना चाहते जिसमें अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाए।

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