मई महीने में ड्रोन ख़तरे के बाद उत्पन्न हुए वेतन विवाद को सुलझा लिया गया है। नियोक्ता अपने पहले के रुख से पीछे हट गए हैं। समझौते के अनुसार, जो कर्मचारी घर पर रहने के लिए कहे गए थे, उन्हें वेतन का भुगतान करने की सिफारिश की गई है। यह विवाद ड्रोन हमले की आशंका के कारण कर्मचारियों को घर से काम करने के निर्देश के बाद शुरू हुआ था। नियोक्ता शुरू में इस अवधि के लिए वेतन देने के लिए अनिच्छुक थे, लेकिन अब वे सहमत हो गए हैं। इस समझौते से कर्मचारियों में राहत है और भविष्य में इसी तरह की स्थितियों से निपटने के लिए एक मिसाल कायम हुई है। यह निर्णय कर्मचारियों के अधिकारों और सुरक्षा को महत्व देने वाला एक सकारात्मक कदम है।