शिक्षाविद अर्नाल्डो कैनालेस के अनुसार, वर्तमान समय में भावनात्मक निरक्षरता एक बड़ी समस्या है। उनका मानना है कि लोग अपनी भावनाओं को समझने और व्यक्त करने में असमर्थ हैं, जिसके कारण तनाव, निराशा और जीवन में अवसरों की कमी से उत्पन्न हिंसा बढ़ती है। कैनालेस भावनात्मक शिक्षा को इस समस्या का समाधान मानते हैं। उनका कहना है कि भावनात्मक शिक्षा लोगों को अपनी भावनाओं को पहचानने, समझने और प्रबंधित करने में मदद करती है। यह उन्हें स्वस्थ संबंध बनाने और संघर्षों को शांतिपूर्ण ढंग से हल करने में भी सक्षम बनाती है। भावनात्मक शिक्षा को बढ़ावा देकर, समाज में हिंसा को कम किया जा सकता है और एक अधिक सहानुभूतिपूर्ण और समझदार वातावरण बनाया जा सकता है। यह शिक्षा बच्चों और वयस्कों दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
