इलेक्ट्रिक कारों में अब कृत्रिम इंजन की आवाज़ें उत्पन्न करने का चलन बढ़ रहा है, जिसमें ‘V8’ जैसी ध्वनियाँ और यहाँ तक कि जानबूझकर की गई ‘मिसफायर’ की आवाज़ें भी शामिल हैं। यह प्रवृत्ति सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विकसित की जा रही है, ताकि पैदल चलने वालों और साइकिल चालकों को कारों की मौजूदगी का पता चल सके। हाल ही में एक नए अंतरराष्ट्रीय नियम को लेकर यह बहस छिड़ गई है कि क्या इस तरह की कृत्रिम ध्वनियों को वैध बनाया जाए। निर्माताओं का तर्क है कि इससे इलेक्ट्रिक वाहनों की स्वीकार्यता बढ़ेगी। आलोचकों का कहना है कि यह इलेक्ट्रिक वाहनों के शांत होने के मूल लाभ को कमज़ोर करता है और भ्रामक हो सकता है। इस नियम के समर्थकों का मानना है कि यह पैदल यात्रियों, विशेषकर दृष्टिबाधित लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। इस मुद्दे पर अभी भी बहस जारी है और भविष्य में इसके नियमन की संभावना है।