70 वर्षीय वूयो डॉउस ने पड़ोसों में पहले प्रचलित सामुदायिक पालन-पोषण के दृष्टिकोण पर विचार व्यक्त किए हैं। उनका मानना है कि पहले, बच्चे पूरे समुदाय की जिम्मेदारी माने जाते थे, जिससे बच्चों को व्यापक मार्गदर्शन और समर्थन मिलता था। डॉउस का कहना है कि आज, गोपनीयता की बढ़ती चिंताओं के कारण, बच्चे इस सामुदायिक समर्थन से वंचित हो रहे हैं। यह स्थिति बच्चों के विकास पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों के बेहतर विकास के लिए सामुदायिक भावना को फिर से जागृत करना आवश्यक है। डॉउस के अनुभव से पता चलता है कि बच्चों को पालने में केवल माता-पिता ही नहीं, बल्कि पूरा समुदाय शामिल होना चाहिए। यह दृष्टिकोण बच्चों को अधिक सुरक्षित और खुशहाल बनाने में मदद कर सकता है।