आर्थिक अपराध निरोधक आयोग (ईएफसीसी) ने ओसुन राज्य सरकार के खाते को 72 घंटे के लिए बिना न्यायालय के आदेश के फ्रीज करने के अपने अधिकार का बचाव किया है। ईएफसीसी का कहना है कि यह कार्रवाई संदिग्ध गतिविधियों के कारण की गई थी और यह कानूनी प्रावधानों के अनुरूप है। आयोग ने बताया कि वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए यह कदम उठाया गया है। इस मामले में, ईएफसीसी का तर्क है कि तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता थी और न्यायालय से अनुमति लेने में देरी हो सकती थी। हालांकि, इस कार्रवाई से राज्य सरकार और कानूनी विशेषज्ञों के बीच चिंताएं बढ़ गई हैं, जो बिना न्यायिक प्रक्रिया के खातों को फ्रीज करने के ईएफसीसी के अधिकार पर सवाल उठाते हैं। यह मामला वित्तीय स्वायत्तता और कानून के शासन के सिद्धांतों से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल उठाता है। आगे की जांच जारी है।